Posts

कोरोना वायरस

Image
जहां लोग एक ओर लूनर न्यू ईयर को मनाने की तैयारी कर रहे थे वहीं दूसरी ओर एक वायरस इन्फेक्शन फैलाने के लिए अपने पैर पसार रहा था। चीन का लूनर न्यू ईयर पूरी तरह से कोरोनावायरस की भेंट चढ़ गया है वर्तमान समय में (लेख लिखते समय) इस वायरस के कारण 80 से अधिक लोगों की मौत हो गई जबकि 2000 से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं। दरअसल 31 दिसंबर 2019 के दिन WHO को चीन के हुबेई प्रांत के वुहान शहर में निमोनिया, फेफड़ों में सूजन, जुकाम ,खांसी जैसे लक्षणों से संक्रमित लोगों की जानकारी हुई । 7 जनवरी 2020 को चीनी अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की कि ये संक्रमण एक वायरस कोरोनावायरस की वजह से हुआ है जो कि सार्स (SARS) और मर्स (MERS) परिवार का है। रिपोर्ट की मानें तो 2002 में SARS के कारण ही चीन में 8098 लोग संक्रमित हुए थे जबकि 774 लोगों की जान हाथ से गई थी। इस वायरस से संक्रमित होने पर व्यक्ति को पहले सांस लेने में दिक्कत फिर गले में दर्द, खांसी, नजला, निमोनिया, बुखार आता है। 1 करोड़ 10 लाख आबादी वाले वुहान शहर में अधिक संख्या में भारतीय भी हैं जिनमें से अधिकतर छात्र मेडिकल छात्र हैं ।(लगभग 700) ...

डिलीवरी के बाद यदि बच्चा स्वतः नही रोता है तो डॉक्टर बच्चे को उल्टा लटकाकर क्यों रूलाने का प्रयास करते है

Image
पिछले दिनों Quora पर एक व्यक्ति ने मुझसे यह प्रश्न पूछा..... कि क्या डिलीवरी के बाद बच्चे का रोना जरूरी है... यदि बच्चा नहीं रोता है तो डॉक्टर उसे रूलाने का प्रयास क्यों करते हैं.. यहां तक कि डॉक्टर कभी कभी बच्चे को उल्टा भी लटका देते है। प्रश्न वास्तव में रोचक है..... शायद यही कारण है कि इस प्रश्न का उत्तर Quora पर लिखने के बाद इसे ब्लॉग पर भी लिख रहा हूँ। इस प्रश्न का उत्तर जानने से पहले यह जानना बेहद जरूरी है कि जब तक बच्चा मां के गर्भ में होता है तब तक उसके फेफड़े में हवा नहीं होती और वह सांस नहीं ले पाता है। इस समय बच्चा अपनी मां के गर्भ की एम्नियोटिक थैली में होता है इस एम्नियोटिक थैली में एम्नियोटिक द्रव भरा रहता है और यही द्रव बच्चे की फेफड़ों में भी भरा रहता है। इस दौरान बच्चे को पोषण अपनी मां की गर्भनाल से मिलता है। जब बच्चा गर्भ से बाहर आता है त़ो उसकी गर्भनाल काट दी जाती है.. उसके बाद डॉक्टर बच्चे को उल्टा लटका कर उसके फेफड़े में भरे एम्नियोटिक द्रव को बाहर निकालनेंं का प्रयास करते हैं ताकि बच्चे के फेफड़े पूर्णतया सांस लेने के लिए तैयार हो सके। इस प्रक्...

अटल व्यक्तित्व

Image
अटल व्यक्तित्व एक व्यक्तित्व में अनेकों छवि रखने वाले हमारे अटलजी आज हम सबके बीच में नहीं है...... कहते हैं उम्र भले ही ना बड़ी हो लेकिन जिंदगी बड़ी होनी चाहिए अटल जी शायद इसमें परफेक्ट थे। मई 1996 में जब अटल जी ने पहली बार सरकार बनाई तो उनपर पर सत्ता लोभ का आरोप लगाया गया। सारा विपक्ष एकजुट होकर जनादेश का उल्लंघन करने लगा। 27 मई 1996 को अटल जी ने अटल शब्दों में लोकसभा में प्रतिपक्ष को करारा जवाब देते हुए कहा था.... जनता ने बीजेपी को सबसे बड़ी पार्टी के रूप में समर्थन दिया है...यह कोई आकस्मिक जनादेश नहीं है...कोई चमत्कार नहीं हुआ है...हमने मेहनत की है..लोगों में गए हैं.. संघर्ष किया है...पार्टी 365 दिन चलने वाली पार्टी है यह कोई चुनाव में कुकुरमुत्ता की तरह खड़ी होने वाली पार्टी नहीं है। आप सारा देश चलाना चाहते हैं...अच्छी बात है।... हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं। हम अपने देश की सेवा में जुटे रहेगें। हम संख्या बल के आगे सर झुकाते हैं और आपको विश्वास दिलाते हैं जो कार्य में अपने हाथ में लिया है जब तक उसे पूरा कर नहीं लेंगे तब तक विश्राम से नहीं बैठेंगे....यह शब्द कहते हुए...

प्लास्टिक प्रदूषण

Image
इस फोटो को देखकर शायद आपको भी अचरज हुआ होगा.... कि इस बेजुबान जीव के साथ ऐसा किसने किया.... लेकिन हमें ऐसा अचरज नहीं करना चाहिए क्योंकि इस प्रकार के कई कारनामें हम जाने अनजाने में ही कर रहे हैं।              ये तस्वीर स्पेन के कूड़े के ढेर पर बैठे एक सारस की है जो पूरी तरह प्लास्टिक से ढक चुका है.. यह प्लास्टिक इसकी जान पर बन आयी है। 1862 में जब एलेग्जेंडर पाकिस ने प्लास्टिक की खोज की... तो पूरी दुनिया ने प्लास्टिक की सहूलियत की सराहना की... करते भी क्यों ना ...क्योंकि प्लास्टिक अपने वजन से 2000 गुना वजन जो उठा सकती है। लेकिन इस सहूलियत की इतनी बड़ी कीमत आज हम सब और इन बेजुबान जीवों को चुकानी पड़ेगी.. ये किसी के जहन में भी नहीं आया होगा।              साइंस एडवांसेज की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में बनने वाली कुल प्लास्टिक का केवल 9% प्लास्टिक ही रीसायकल की जाती है जबकि 12% प्लास्टिक जला दी जाती है तथा 79% प्लास्टिक पर्यावरण में संलिप्त रहती है।                दुनि...